श्री गणेश चालीसा
भगवान श्री गणेश हिन्दू धर्म में प्रथम पूजनीय माने जाते हैं। विघ्नहर्ता श्री गणेश की पूजा हर शुभ कार्य के आरंभ में की जाती है, जिसे सारे कार्य सूख पूर्वक संपन्न हो जाते हैं। माना जाता है कि श्री गणेश की आराधना करने से घर में खुशहाली, व्यापार में बरकत तथा…
संकटमोचन हनुमानाष्टक
संकटमोचन हनुमानाष्टक हनुमान जी हिन्दू धर्म के भगवान है। हनुमान जी अपने भक्तों के कष्ट क्षण में दूर कर देते है इसलिए इन्हें संकटमोचन के नाम से जाना जाता है। यह हनुमान जी का आठ दोहा का मंत्र है। इस मंत्र में हनुमान जी की शक्तियों का बखान किया गया है।…
श्री हनुमान चालीसा
हिन्दू धर्म में हनुमान जी को वीरता, भक्ति और साहस का परिचायक माना जाता है। शिवजी के रुद्रावतार माने जाने वाले हनुमान जी को बजरंग बली, पवनपुत्र, मारुती नंदन, केसरी आदि नामों से भी जाना जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी अजर-अमर हैं। हनुमान जी को प्रतिदिन…
संतोषी माता की चालीसा
संतोषी माता को हिन्दू धर्म में गणेश जी की पुत्री माना जाता है, हालांकि इस बात का प्रमाण पुराणों में नहीं है। उत्तर भारत में माता संतोषी की पूजा के लिए शुक्रवार का व्रत करने का विधान है। शुक्रवार के दिन मां संतोषी की पूजा में निम्न चालीसा का भी प्रयोग…
श्री संतोषी माता आरती
श्री संतोषी माता आरती !! जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता, अपने सेवक जन को, सुख संपति दाता, जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता !! !! जय सुंदर, चीर सुनहरी, मां धारण कीन्हो, हीरा पन्ना दमके, तन श्रृंगार लीन्हो, जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता !! !!…
संतोषी माता व्रत कथा
शुक्रवार व्रत कथा (Shukravar) शुक्रवार के दिन मां संतोषी का व्रत-पूजन किया जाता है। इस पूजा के अंत में माता की कथा सुनी जाती है। संतोषी माता और शुक्रवार व्रत की कथा निम्न है: संतोषी माता व्रत कथा (Santoshi Mata Vrat Katha in Hindi) एक बुढ़िया थी, उसके सात…
संतोषी माँ की व्रत पूजन विधि
संतोषी माँ की व्रत पूजन विधि संतोषी माता को हिंदू धर्म में संतोष, सुख, शांति और वैभव की माता के रुप में पूजा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता संतोषी भगवान श्रीगणेश की पुत्री हैं. संतोष हमारे जीवन में बहुत जरूरी है. संतोष ना हो तो इंसान मानसिक और…
शिव ताण्डव स्तोत्र
शिव ताण्डव स्तोत्र जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले, गलेऽवलम्ब्यलम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं, चकारचंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥1॥ जटाकटाहसंभ्रममंभ्रमन्निलिंपनिर्झरी, विलोलवीचिवल्लरी विराजमानमूर्धनि ।…
शिव वन्दना
शिव वन्दना कर्पूरगौरं करुणावतारं, संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् । सदावसन्तं हृदयारविन्दे, भवं भवानीसहितं नमामि ॥1॥ मन्दारमालाकुलितालकायै कपालमालांकितकन्धराय। दिव्याम्बरायै च दिगम्बराय नम: शिवायै च नम: शिवाय॥2॥ श्री अखण्डानन्दबोधाय शोकसन्तापहारिणे।…
श्री रुद्राष्टकम्
श्री रुद्राष्टकम् नमामीशमीशान निर्वाणरूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपं। निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाशमाकाशवासं भजेडहं॥1॥ निराकारमोंकारमूलं तुरीयं, गिरा ग्यान गोतीतमीशं गिरीशं। करालं महाकाल कालं कृपालं, गुणागार संसारपारं नतोडहं॥2॥…