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मधुराष्टकम्

मधुराष्टकम् अधरं मधुरं वदनं मधुरं, नयनं मधुरं हसितं मधुरम् । हृदयं मधुरं, गमनं मधुरं, मधुराधिपते रखिलं मधुरम् ।।1।। वसनं मधुरं, चरितं मधुरं, वचनं मधुरं वलितं मधुरम्, चलितं मधुरं, भ्रमितं मधुरं, मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्।।2।। वेणर्मधुरो रेणुर्मधुरः पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ, नृत्यं मधुरं सख्यं…

आरती सूर्य देव जी की

आरती सूर्य देव जी की जय कश्यप नन्दन, स्वामी जय कश्यप नन्दन। त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चन्दन॥ जय .. सप्त अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी। दु:खहारी, सुखकारी, मानस मलहारी॥ जय .. सुर मुनि भूशर वन्दित, विमल विभवशाली। अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य…

लिंगाष्टकम्

लिंगाष्टकम् ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गम् निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गम् तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥१॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गम् कामदहम् करुणाकरलिङ्गम् । रावणदर्पविनाशनलिङ्गम् तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥२॥ सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गम् बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम् । सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गम् तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥३॥ कनकमहामणिभूषितलिङ्गम् फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम् । दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्गम् तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥४॥ कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गम् पङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम् । सञ्चितपापविनाशनलिङ्गम् तत् प्रणमामि…

श्री अच्युताष्टकं

श्री अच्युताष्टकं अथ श्री अच्युताष्टकं ।। अच्युतं केशवं रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम् || श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं जानकीनायकं रामचन्द्रं भजे ||१|| अच्युतं केशवं सत्यभामाधवं माधवं श्रीधरं राधिकाराधितम् || इन्दिरामन्दिरं चेतसा सुन्दरं देवकीनन्दनं नन्दनं संदधे ||२|| विष्णवे जिष्णवे शङ्खिने चक्रिणे रुक्मिनीरागिणे जानकीजानये…

सप्तश्लोकी श्री दुर्गा कवचम्

सप्तश्लोकी श्री दुर्गा कवचम्- अथ सप्तश्लोकी श्री दुर्गा कवचम् :- श्रृणु देवि प्रवक्ष्यामि कवचं सर्वसिद्धिदम् । पठित्वा पाठयित्वा च नरो मुच्येत संकटात् ॥ १॥ अज्ञात्वा कवचं देवि दुर्गामंत्रं च यो जपेत् । स नाप्नोति फलं तस्य परं च नरकं व्रजेत्…

श्रीरामरक्षास्तोत्रम्

श्रीरामरक्षास्तोत्रम् ।। अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमंत्रस्य, बुधकौशिक ऋषिः श्रीसीतारामचंद्रो देवता, अनुष्टुप् छंदः सीता शक्तिः श्रीमद् हनुमान कीलकम् श्रीरामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः ।। अथ ध्यानम् ।। ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपद्मासनस्थम् ।। पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम् ।। वामांकारूढ सीतामुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभम् ।। नानालंकारदीप्तं दधतमुरुजटामंडनं रामचंद्रम् ।।…

नवरात्रि में कैसे करें मां दुर्गा का पूजन

नवरात्रि में कैसे करें मां दुर्गा का पूजन सबसे पहले आसन पर बैठकर जल से तीन बार शुद्ध जल से आचमन करे- ॐ केशवाय नम:, ॐ माधवाय नम:, ॐ नारायणाय नम: फिर हाथ में जल लेकर हाथ धो लें। हाथ…

षोडशोपचार पूजन

षोडशोपचार पूजन षोडशोपचार पूजन में निम्न सोलह तरीके से  विधिपूर्वक पूजन किया जाता है | ध्यान-आवाहन– मन्त्रों और भाव द्वारा भगवान का ध्यान किया जाता है | आवाहन का अर्थ है पास लाना। ईष्ट देवता को अपने सम्मुख या पास लाने के लिए आवाहन किया…

मॉस, मैथुन, मदिरा का क्यों करते है अघोरी प्रयोग

मॉस, मैथुन, मदिरा का क्यों करते है अघोरी प्रयोग:- “मां काली” के विकराल रूप को देखकर कोई भी इंसान भयभीत हो सकता है लेकिन समस्त देवी-देवताओं में से मां काली को ही एक ऐसी देवी के नाम से जाना जाता…

संजीवनी बूटी

10. संजीवनी बूटी : यह एक ऐसी जड़ी है जिसको खाने से जब तक उसका असर रहता है, तब तक व्यक्ति गायब रहता है। यह एक ऐसी बूटी है जिसका सेवन करने से व्यक्ति को भूत-भविष्‍य का ज्ञान हो जाता…