Category हमारे भारत के साधु संत

मंदिरों का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक रहस्य: सनातन धर्म में क्यों हैं इतने मंदिर?

सनातन धर्म में मंदिर केवल पूजा करने का स्थान नहीं होते, बल्कि वे आध्यात्मिक ऊर्जा, चेतना और सकारात्मक कंपन के केंद्र माने जाते हैं। प्राचीन भारत में मंदिरों का निर्माण केवल धार्मिक आस्था के लिए नहीं, बल्कि मानव मन, शरीर…

शिव और सनातन धर्म का रहस्य: क्यों महादेव को आदि योगी कहा जाता है?

सनातन धर्म में भगवान शिव केवल एक देवता नहीं, बल्कि चेतना, ध्यान और अनंत शक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। उन्हें “महादेव”, “आदि योगी” और “संहार के देवता” कहा जाता है, लेकिन शिव का वास्तविक स्वरूप इससे कहीं अधिक गहरा…

सनातन धर्म में गुरु का महत्व: क्यों गुरु को ईश्वर से भी ऊँचा माना गया है?

सनातन धर्म में गुरु का स्थान अत्यंत महान और पवित्र माना गया है। भारतीय संस्कृति में गुरु केवल शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि वह दिव्य प्रकाश है जो अज्ञान के अंधकार से निकालकर आत्मज्ञान की ओर ले जाता है।…

भक्त शेख फरीद जी (BHAGAT SHEK FARID JI)

देखु फरीद जु थीआ दाड़ी होई भूर ||  अगहु नेड़ा आइआ पिछा रहिआ दूरि || १ ||         शेख फरीद जिनका पूरा नाम फरीद मसऊद शकर गंज था|शेख फरीद जी का जन्म 1172 ई० में गाँव खोतवाल जिला मुल्तान में…

महायोगी गुरु गोरखनाथ जी का इतिहास

                       महायोगी गुरु गोरखनाथ सिद्ध गोरक्षनाथ को प्रणाम सिद्धों की भोग-प्रधान योग-साधना की प्रतिक्रिया के रूप में आदिकाल में नाथपंथियों की हठयोग साधना आरम्भ हुई। इस पंथ को चलाने वाले…