कजरी तीज
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर कजरी तीज का पर्व मनाया जाता है। यह तीज रक्षाबंधन के तीन दिन बाद मनाई जाती है। इसे सतवा तीज, सातुड़ी तीज और सौंधा तीज के नाम से भी जाना जाता…
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर कजरी तीज का पर्व मनाया जाता है। यह तीज रक्षाबंधन के तीन दिन बाद मनाई जाती है। इसे सतवा तीज, सातुड़ी तीज और सौंधा तीज के नाम से भी जाना जाता…
एक सूखा नारियल जिसे हवन में उपयोग करते है उसमें कलवा या मौली बांधकर होलिका की ७ परिक्रमा करते हुएॐ नरसिंह देवाय नमःमंत्र का जाप करना है उसके पश्चात इस नारियल को होलिका में रख देना हैप्रार्थना करनी हैहे नरसिंह…
शत्रुओं का नाश करने के लिए आपको रविवार के दिन दोपहर में, मंगलवार अथवा शनिवार के दिन नीम का ये उपाय करना चाहिए। आप किसी भी मंगलवार, शनिवार अथवा रविवार के दिन नीम के पत्ते लेकर दोपहर 12 बजे के…
“संकट कटे मिटे सब पीरा जो सुमिरे हनुमंत बलबीरा” भारतीय आगम तथा निगम में स्तोत्र का एक महत्वपूर्ण स्थान है. सामान्य रूप से स्तोत्र की व्याख्या कुछ इस प्रकार की जा सकती है की स्तोत्र विशेष शब्दों का समूह है…
टोने-टोटके – कुछ उपाय छोटे-छोटे उपाय हर घर में लोग जानते हैं, पर उनकी विधिवत् जानकारी के अभाव में वे उनके लाभ से वंचित रह जाते हैं। इस लोकप्रिय स्तंभ में उपयोगी टोटकों की विधिवत् जानकारी दी जा रही है।…
टोटके • बच्चे पढ़ते न हों तो उनकी स्टडी टेबल पर शुभ समय में सरस्वती यन्त्र व कुबेर यन्त्र स्थापित करें। उनके पढने के लिये बैठने से पहले यंत्रों के आगे शुभ घी का दीपक तथा गुलाब की अगरबत्ती जलाएं।…
लाल किताब के सरल और असरकारी टोटके Lal Kitab Ke Sidh Totke (1) सुबह उठकर सबसे पहले घर की मालकिन अगर एक लोटा पानी घर के मुख्य द्वार पर डालती है तो घर में लक्ष्मी देवी के आने का रास्ता…
दोस्तो अमावस्या के दिन किया जाने वाला एक अचूक उपाय आप को बात रहा हु इस उपाय से आप अपने खोये हुवे य रूठे हुवे प्रेमी य प्रेमिका को जल्द से जल्द प्राप्त कर लेंगे अमावस्या के दिन किसी पीपल…
Bhagavad Gita Slokas With Meaning in Hindi: धर्म ग्रंथों के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। इसलिए प्रतिवर्ष इस तिथि को गीता जयंती…
गरुण पुराण, वेदव्यास जी द्वारा रचित 18 पुराणो में से एक है। गरुड़ पुराण में 279 अध्याय तथा 18000 श्र्लोक हैं। इस ग्रंथ में मृत्यु पश्चात की घटनाओं, प्रेत लोक, यम लोक, नरक तथा 84 लाख योनियों के नरक स्वरुपी…