मंदिरों का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक रहस्य: सनातन धर्म में क्यों हैं इतने मंदिर?
सनातन धर्म में मंदिर केवल पूजा करने का स्थान नहीं होते, बल्कि वे आध्यात्मिक ऊर्जा, चेतना और सकारात्मक कंपन के केंद्र माने जाते हैं। प्राचीन भारत में मंदिरों का निर्माण केवल धार्मिक आस्था के लिए नहीं, बल्कि मानव मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करने के…
शिव और सनातन धर्म का रहस्य: क्यों महादेव को आदि योगी कहा जाता है?
सनातन धर्म में भगवान शिव केवल एक देवता नहीं, बल्कि चेतना, ध्यान और अनंत शक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। उन्हें “महादेव”, “आदि योगी” और “संहार के देवता” कहा जाता है, लेकिन शिव का वास्तविक स्वरूप इससे कहीं अधिक गहरा और रहस्यमय है। शिव वह ऊर्जा हैं, जो…
सनातन धर्म में गुरु का महत्व: क्यों गुरु को ईश्वर से भी ऊँचा माना गया है?
सनातन धर्म में गुरु का स्थान अत्यंत महान और पवित्र माना गया है। भारतीय संस्कृति में गुरु केवल शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि वह दिव्य प्रकाश है जो अज्ञान के अंधकार से निकालकर आत्मज्ञान की ओर ले जाता है। यही कारण है कि सनातन परंपरा में कहा गया…
सनातन: केवल धर्म नहीं, आत्मा और चेतना को जागृत करने वाला शाश्वत जीवन-दर्शन
सनातन केवल एक धर्म या पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि मानव जीवन को उसकी आत्मा और चेतना से जोड़ने वाला एक शाश्वत जीवन-दर्शन है। विश्व की सबसे प्राचीन और जीवंत संस्कृतियों में से एक सनातन संस्कृति सदियों से मानवता का मार्गदर्शन करती आ रही है। आधुनिक समय में अक्सर…
इन 7 बुरी आदतों से लक्ष्मी छोड़ देती है साथ, होती है दुर्भाग्य की शुरुआत
कहा जाता है कि सुख-दुख इंसान के कर्मों के फल हैं। वह जैसा बीज बोता है उसे वैसा ही फल मिल जाता है। वास्तु, अध्यात्म और ज्योतिष आदि में सफल व सुखी जीवन के सूत्र इसीलिए बनाए गए हैं ताकि मनुष्य शुभ काम करे और उसे शुभ फल प्राप्त हो। अनजाने में किए गए कुछ…
वैज्ञानिकों ने भी माना ॐ है चमत्कारी ,देता है शक्ति और उर्जा।
हिन्दू धर्म और ईश्वर में आस्था रखने वाला हर भारतीय पूजा के दौरान ऊं को कई बार पढ़ता, सुनता या बोलता है, शास्त्रों में यही ऊं प्रणव नाम से भी पुकारा गया है। इस अक्षर से दिव्य शक्तियां जुड़ीं हैं, जो की पुराणों और शास्त्रों में कई तरह से बताई गई हैं,…
तुलसी दास को हनुमान जी का पता एक प्रेत ने बताया था , तब हुए थे भगवान श्री राम के दर्शन
तुलसीदास जब पैदा हुए तो रोते हुए पैदा नही हुए और पैदा होने के साथ ही उनके मुंह में पुरे के पुरे बत्तीस दांत भी थे, पहला ही शब्द उनके मुख से निकला था राम इस कारण नामकरण हुआ रामबोला. उनके पिता का नाम था आत्मा राम माता का नाम हुलसी, पत्नी का नाम था…
महाभारत कोई काल्पनिक घटना नहीं, सच साबित करते हैं ये तथ्य
धर्म और आस्था एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जहां धर्म की बात होती है वहां आस्था खुद-ब-खुद आ जाती है. हिन्दुओं के सबसे बड़े ग्रंथ महाभारत के साथ भी कुछ ऐसा ही है. श्री कृष्ण भगवान और गीता भी इसी से जुड़े हैं. गीता में लिखे शब्दों को हिन्दू धर्म का मार्ग…
आखिर क्यों पांडवो से छिप कर भगना पड़ा स्वयं महादेव शिव को? पुराणों की एक अनसुनी कथा !
महाभारत के युद्ध में तो आप सभी जानते ही है तथा इस युद्ध के समाप्ति पर असंख्य योद्धा मारे गए. अंत में यह युद्ध पांडवो ने भगवान श्री कृष्ण की सहायता से जीत लिया था. परन्तु पांडवो के द्वारा इस युद्ध में उनके गुरुओ एवम सगे सम्बन्धियो की हत्या से महादेव शिव…
शिवलिंग को यदि घर पर रखे तो ना करे ये कार्य अन्यथा नुक्सान हो सकता है !
अगर आप भी शिवलिंग की पूजा करते है तो इन बातो का ख़ास ध्यान रखे क्योंकि अगर महादेव भोले है तो उनका क्रोध भी किसी से छुपा नही है क्योंकि त्रिदेवो में वो डिस्ट्रॉयर का किरदार निभाते है l शिवलिंग की पूजा अगर सही नियम कानून से करी जाये तो वो आपके लिए लाभकारी…