Category वैदिक मंत्र

कजरी तीज

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर कजरी तीज का पर्व मनाया जाता है। यह तीज रक्षाबंधन के तीन दिन बाद मनाई जाती है। इसे सतवा तीज, सातुड़ी तीज और सौंधा तीज के नाम से भी जाना जाता…

होली पर करे आर्थिक समस्या निवारण प्रयोग

कमल गट्टे की माला से 108 माला लक्ष्मी जी के इस मंत्र का जाप करते है और 1 माला गुलाब के फूल, मखाने, हरी इलायची मिश्रित सामग्री से हवन करे तो आपको कभी धन की समस्या नहीं होगी । मंत्र…

गुरु मंत्र

Guru Slokas (गुरु श्लोक ) गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥ भावार्थ : गुरु ब्रह्मा है, गुरु विष्णु है, गुरु हि शंकर है; गुरु हि साक्षात् परब्रह्म है; उन सद्गुरु को प्रणाम…

Gayatri Mantra (गायत्री मंत्र)

Gayatri Mantra (गायत्री मंत्र) गायत्री मंत्र (वेद ग्रंथ की माता) को हिन्दू धर्म में सबसे उत्तम मंत्र माना जाता है । गायत्री मंत्र में तीन पहलूओं क वर्णं है – स्त्रोत, ध्यान और प्रार्थना । गायत्री देवी, वह जो पंचमुख़ी…

Krishna Mantra (श्री कृष्ण मंत्र)

Krishna Mantra (श्री कृष्ण मंत्र) वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम् । देवकी परमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् ॥ भावार्थ : कंस और चाणूर का वध करनेवाले, देवकी के आनन्दवर्द्धन, वसुदेवनन्दन जगद्गुरु श्रीक़ृष्ण चन्द्र की मैं वन्दना करता हूँ । वृन्दावनेश्वरी राधा कृष्णो वृन्दावनेश्वरः।…

Lakshmi (लक्ष्मी मंत्र)

Lakshmi (लक्ष्मी मंत्र) नमस्ये सर्वलोकानां जननीमब्जसम्भवाम् । श्रियमुन्निद्रपद्माक्षीं विष्णुवक्षःस्थलस्थिताम् ॥ भावार्थ : सम्पूर्ण लोकों की जननी, विकसित कमल के सदृश नेत्रों वाली, भगवान् विष्णु के वक्षः स्थल में विराजमान कमलोभ्दवा श्रीलक्ष्मी देवी को मैं नमस्कार करता हूँ । नमस्तेऽस्तु महामाये…

Saraswati Mantra (सरस्वती मंत्र)

Saraswati Mantra (सरस्वती मंत्र) या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना । या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥ भावार्थ : जो कुन्द के फूल, चन्द्रमा, बर्फ और हार के समान श्वेत हैं, जो शुभ्र…

Shiva Mantra ( शिव मंत्र )

Shiva Mantra नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नम: शिवाय ॥ भावार्थ : जो शिव नागराज वासुकि का हार पहिने हुए हैं, तीन नेत्रों वाले हैं, तथा भस्म की राख को सारे शरीर में लगाये हुए हैं,…

गणेश मंत्र

Ganesh Mantra (गणेश मंत्र) वक्र तुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ:। निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभ कार्येषु सर्वदा ॥ भावार्थ : हे हाथी के जैसे विशालकाय जिसका तेज सूर्य की सहस्त्र किरणों के समान हैं । बिना विघ्न के मेरा कार्य…

Durga Saptashloki (श्री दुर्गा सप्तश्लोकी)

Durga Saptashloki (श्री दुर्गा सप्तश्लोकी)   दुर्गा सप्तश्लोकी माँ दुर्गा की प्रार्थना है । इन सात श्लोकों में सप्तशती का संपूर्ण सार समाहित होता है । दुर्गा सप्तश्लोकी नवरात्रि दुर्गा पूजा के दौरान सबसे महत्वपूर्ण पाठ माना गया है।  …