सूर्य
सूर्य सूर्य (देवनागरी: सूर्य, sūrya) मुखिया है, सौर देवता, आदित्यों में से एक, कश्यप और उनकी पत्नियों में से एक अदिति के पुत्र, इंद्र का, या द्यौस पितर का (संस्करण पर निर्भर करते हुए). उनके बाल और हाथ स्वर्ण के हैं। उनके रथ को सात घोड़े खींचते हैं, जो…
श्री साँई चालीसा
श्री साँई चालीसा श्री साँई के चरणों में, अपना शीश नवाऊं मैंकैसे शिरडी साँई आए, सारा हाल सुनाऊ मैं कौन है माता, पिता कौन है, यह न किसी ने भी जाना। कहां जन्म साँई ने धारा, प्रश्न पहेली रहा बना कोई कहे अयोध्या के, ये रामचन्द्र भगवान हैं। कोई कहता साँई बाबा,…
श्री काली चालीसा
श्री काली चालीसा ॥॥दोहा ॥॥ जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार महिष मर्दिनी कालिका, देहु अभय अपार ॥ अरि मद मान मिटावन हारी । मुण्डमाल गल सोहत प्यारी ॥ अष्टभुजी सुखदायक माता । दुष्टदलन जग में विख्याता ॥1॥ भाल विशाल मुकुट छवि छाजै । कर में शीश शत्रु का साजै ॥…
श्री शनि चालीसा
श्री शनि चालीसा ॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज॥ जयति जयति शनिदेव दयाला। करत सदा भक्तन प्रतिपाला॥ चारि भुजा, तनु श्याम…
पार्वती जी की चालीसा
पार्वती जी की चालीसा ॥ दोहा ॥ जय गिरी तनये डग्यगे शम्भू प्रिये गुणखानी गणपति जननी पार्वती अम्बे ! शक्ति ! भवामिनी ॥ चालीसा॥ ब्रह्मा भेद न तुम्हरे पावे , पांच बदन नित तुमको ध्यावे शशतमुखकाही न सकतयाष तेरो , सहसबदन श्रम करात घनेरो ।।1।। तेरो पार न पाबत…
खाटू श्याम चालीसा
दोहा श्री गुरु चरण ध्यान धर, सुमिरि सच्चिदानन्द। श्याम चालीसा भजत हूँ, रच चैपाई छन्द।। चौपाई श्याम श्याम भजि बारम्बारा,सहज ही हो भवसागर पारा। इन सम देव न दूजा कोई, दीन दयालु न दाता होई। भीमसुपुत्र अहिलवती जाया, कहीं भीम का पौत्र कहाया। यह सब कथा सही…
चामुण्डा देवी की चालीसा
चामुण्डा देवी की चालीसा दोहा नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड । दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़ ।। मधु केटभ संहार कर करी धर्म की जीत । मेरी भी बढ़ा हरो हो जो कर्म पुनीत ।। चौपाई नमस्कार चामुंडा माता । तीनो लोक मई मई विख्याता ।।…
श्री गोपाल चालीसा
।। दोहा ।। श्री राधापद कमल रज, सिर धरि यमुना कूल। वरणो चालीसा सरस, सकल सुमंगल मूल।। ।। चौपाई ।। जय जय पूरण ब्रह्म बिहारी, दुष्ट दलन लीला अवतारी। जो कोई तुम्हरी लीला गावै, बिन श्रम सकल पदारथ पावै। श्री वसुदेव देवकी माता, प्रकट भये संग हलधर भ्राता। मथुरा…
श्री राधा चालीसा
श्री राधा चालीसा ।।दोहा।। श्री राधे वुषभानुजा , भक्तनि प्राणाधार । वृन्दाविपिन विहारिणी , प्रानावौ बारम्बार ।। जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिय सुखधाम । चरण शरण निज दीजिये सुन्दर सुखद ललाम ।। ।।चौपाई।। जय वृषभानु कुँवरी श्री श्यामा, कीरति नंदिनी शोभा धामा ।।…
श्री गंगा चालीसा
श्री गंगा चालीसा ॥दोहा॥ जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरि गंग। जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग॥ ॥चौपाई॥ जय जय जननी हराना अघखानी। आनंद करनी गंगा महारानी॥ जय भगीरथी सुरसरि माता। कलिमल मूल डालिनी विख्याता॥ जय जय जहानु सुता अघ हनानी। भीष्म की माता जगा…