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वसुधैव कुटुम्बकम्: सनातन धर्म पूरी मानवता को एक परिवार क्यों मानता है?
आज दुनिया तकनीक और भौतिक प्रगति में जितनी आगे बढ़ रही है, उतना ही मनुष्य भीतर से अकेलापन, संघर्ष और विभाजन महसूस कर रहा है। जाति, धर्म, भाषा और सीमाओं के नाम पर बढ़ती दूरियाँ मानवता को बाँट रही हैं। ऐसे समय में सनातन धर्म का प्राचीन संदेश “वसुधैव…
योग और ध्यान का वास्तविक रहस्य: सनातन धर्म कैसे जागृत करता है चेतना?
आज पूरी दुनिया योग और मेडिटेशन की ओर आकर्षित हो रही है। लोग मानसिक तनाव, चिंता और अशांति से मुक्ति पाने के लिए ध्यान और योग का सहारा ले रहे हैं। लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि आत्मा और चेतना को जागृत…
कर्म, पुनर्जन्म और आत्मा का रहस्य: सनातन धर्म जीवन को कैसे समझाता है?
मनुष्य सदियों से यह प्रश्न पूछता आया है कि जीवन क्या है, मृत्यु के बाद क्या होता है और हमारे कर्मों का हमारे भविष्य से क्या संबंध है। सनातन धर्म इन प्रश्नों का केवल दार्शनिक उत्तर ही नहीं देता, बल्कि जीवन को समझने का एक गहरा आध्यात्मिक दृष्टिकोण भी…
अघोर क्या है
1. अघोर साधना का परिचय अघोर पंथ तंत्र साधना की एक रहस्यमयी और शक्तिशाली धारा है। यह मृत्यु, श्मशान, और समस्त सांसारिक बंधनों से परे आत्मज्ञान की ओर ले जाती है। अघोर साधक समाज की रूढ़ियों को त्यागकर एक निष्कलंक चेतना में प्रवेश करता है। 2. अघोर पंथ का…
अघोर साधना का पाँचवाँ अंग: गुरु का मार्गदर्शन
अघोर साधना एक अत्यंत गूढ़ और रहस्यमयी साधना है, जिसे बिना गुरु के मार्गदर्शन के करना असंभव माना जाता है। यह साधना साधक को भय, मृत्यु, वासना, मोह और सांसारिक बंधनों से मुक्त कर परम शिवत्व की ओर ले जाती है। लेकिन यह मार्ग कठिन और खतरों से भरा होता है, जहाँ…
अघोर साधना का चौथा अंग: पंचमकार साधना
पंचमकार साधना तंत्र मार्ग की गूढ़ और रहस्यमयी साधना है, जिसे वामाचार तंत्र का मुख्य अंग माना जाता है। यह साधना साधक को भौतिक और आध्यात्मिक सीमाओं से परे ले जाती है, जिससे वह शिव स्वरूप को प्राप्त कर सके। — 1. पंचमकार साधना क्या है? तंत्र शास्त्रों…
अघोर साधना का तीसरा अंग: शव साधना
अघोर मार्ग में शव साधना को अत्यंत गूढ़ और रहस्यमयी साधना माना जाता है। यह साधना साधक को मृत्यु से परे लेकर जाती है और उसे दिव्य शक्तियों का साक्षात्कार कराती है। शव साधना का मुख्य उद्देश्य मृत्यु के सत्य को जानना, आत्म-साक्षात्कार प्राप्त करना और…
अघोर साधना का दूसरा अंग: निर्भयता और वैराग्य
अघोर पथ केवल साधना का मार्ग नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन को परिवर्तित करने वाली साधना प्रणाली है। इसका मूल आधार निर्भयता और वैराग्य है। अघोरी का पहला कदम मृत्यु भय से मुक्ति और दूसरा कदम संसार की वासनाओं से परे जाना होता है। ये दोनों ही साधक को…
शाबर गुरु मंत्र विधि 2
शाबर गुरु मंत्र (विकल्प-2) सिद्ध करने की विधि और लाभ यदि आप गुरु गोरखनाथ, अघोरी गुरु, या अन्य किसी सिद्ध गुरु से जुड़कर अपनी साधना को बलवान बनाना चाहते हैं, तो यह शाबर गुरु मंत्र अत्यंत प्रभावशाली रहेगा। शक्तिशाली शाबर गुरु मंत्र “ॐ आदेश गुरु…