वैज्ञानिकों ने भी माना ॐ है चमत्कारी ,देता है शक्ति और उर्जा।

हिन्दू धर्म और ईश्वर में आस्था रखने वाला हर भारतीय पूजा के दौरान ऊं को कई बार पढ़ता, सुनता या बोलता है, शास्त्रों में यही ऊं प्रणव नाम से भी पुकारा गया है। इस अक्षर से दिव्य शक्तियां जुड़ीं हैं, जो की पुराणों और शास्त्रों में कई तरह से बताई गई हैं, विशेषरूप से शिव पुराण में ऊंकार के प्रणव नाम से जुड़ी शक्तियों, स्वरूप व प्रभाव के गहरे रहस्य बताए हैं, शिव पुराण के अनुसार – प्रनव यानी वो शब्द जो आपको अंधकार से प्रकाश की और ले जाता हो।
अन्य हिन्दू शास्त्रों में भी ऊंकार को भगवान का ही रूप माना जाता है, इसलिए यह एक अक्षर ब्रह्म भी कहलाता है। धार्मिक मान्यताओं में प्रणव मंत्र में देवो की सामूहिक शक्ति समाई है, यह गायत्री और वेद रूपी ज्ञान शक्ति का भी स्त्रोत माना गया है।

एक शोध के नतीजे बताते हैं कि व्यक्ति के इस स्तर तक पहुंचने में मंत्र जप और स्थिरता पूर्वक बैठने के दोनों ही कारण बराबर उपयोगी हैं। दोनों में से एक भी गड़बड़ हुआ तो कठिनाई हो सकती है, भारत में तो बच्चा बच्चा पालथी लगाकर आसानी से बैठ जाते हैं, जबकि बाहर के देशों में भी ध्यान की कक्षा में प्रवेश करने वाले व्यक्ति दीक्षा लेने के बाद जप और ध्यान सीखते समय ही बैठने की इस तकनीक का अभ्यास शुरू कर देते हैं।
एक विदेशी फिलॉसफर ने अपनी बुक in the search of secret india में उन साधु संतों के बारे में और उनकी साधना विधियों के बारे में लिखा है। पाल ब्रंटन ने लिखा है कि सिद्धों और चमत्कारी साधुओं की शक्ति सामथ्र्य का रहस्य बहुत कुछ उनके स्थिरता पूर्वक बैठने में था।

ऊं बोलने या ध्यान से शरीर, मन और विचारों पर शुभ प्रभाव होता है, वैज्ञानिक नजरिए से भी प्रणव मंत्र यानी ऊं बोलते वक्त पैदा हुई शब्द शक्ति और ऊर्जा के साथ शरीर के अंगों जैसे मुंह, नाक, गले और फेफड़ो से आने-जाने वाली शुद्ध वायु मानव शरीर के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।

इसके जाप के असर से मन-मस्तिष्क शांत रहने के साथ ही खून के भी स्वच्छ होने से दिल भी सेहतमंद रहता है। जिससे मानसिक एकाग्रता व कार्य क्षमता बढ़ती है। व्यक्ति मानसिक और दिल की बीमारियों से मुक्त रहता है। आराम से बैठकर आधा घंटा भी रोज ऊं का जप किया जाए तो हफ्ते भर में ही आपके बर्ताव में बदलाव खुद आप को ही महसूस होने लगता है। महीने भर में तो आपके व्यव्हार में वो ताकत आ जाएगी जिससे की आप पहले के मुकाबले दुगुना लोगों की सोच बदल पाने में सक्षम हो सकते हैं।

एक और बात अगर आप टोनोस्कोप (ध्वनि को देखने का यंत्र) में ओम का उच्चारण करेंगे तो आपको भारतीय ज्योतिष में इस्तेमाल किये जाने वाला श्री यंत्र बना दिखाई देगा, तब तो आपको अपने हिन्दू होने पर गर्व अवश्य होगा.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *