नक्षत्र
भारतीय पंचांग का तीसरा अंग है नक्षत्र अर्थात जिनका छरण नहीं होता वह नक्षत्र कहलाते हैं नक्षत्र सदैव अपने स्थान पर ही रहते हैं जबकि ग्रह नक्षत्रों में संचार करते हैं नक्षत्रों की संख्या प्राचीन काल में 24 थी जो…
भारतीय पंचांग का तीसरा अंग है नक्षत्र अर्थात जिनका छरण नहीं होता वह नक्षत्र कहलाते हैं नक्षत्र सदैव अपने स्थान पर ही रहते हैं जबकि ग्रह नक्षत्रों में संचार करते हैं नक्षत्रों की संख्या प्राचीन काल में 24 थी जो…
समयसूचक AM और PM का उद्गम*भारत ही था। पर हमें बचपन से यह रटवाया गया, विश्वास दिलवाया गया कि इन दो शब्दों AM और PM का मतलब होता है : AM : एंटी मेरिडियन (ante meridian)PM : पोस्ट मेरिडियन (post…
1: दीपक दीपक अंधेरे को दूर करता है साथ ही इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा भी आती है लेकिन मान्यता है कि पूजा करते समय अगर दीपक बार-बार बिना हवा के बुझ जाता है तो यह आपके लिए शुभ संकेत…
सारे संसार में हर स्त्री की एक इज़्जत (लाज) ही सोलह श्रृंगार की पहली कड़ी है..। जब एक स्त्री सोलह शृंगार करती है तो उस स्त्री में देवी दुर्गा का प्रतिबिम्ब प्रदर्शित होता है इसलिए सभी माँ समान एवम् बहन…
केतु अष्टोत्तरशतनामावलिः केतु बीज मन्त्र – ॐ स्राँ स्रीं स्रौं सः केतवे नमः || ॐ केतवे नमः || ॐ स्थूलशिरसे नमः || ॐ शिरोमात्राय नमः || ॐ ध्वजाकृतये नमः || ॐ नवग्रहयुताय नमः || ॐ सिंहिकासुरीगर्भसंभवाय नमः || ॐ…
केतु को सर्प का धड़ माना गया है और सिर के बिना धड़ को कुछ दिखाई नहीं देता कि क्या किया जाए और क्या नहीं. केतु की दशा में अकसर लोगों का मन विचलित रहते देखा गया है. बिना कारण…
केतु ग्रह के उपाय केतु के कुपित होने पर जातक के व्यवहार में विकार आने लगते है, काम वासना तीव्र होने से जातक दुराचार जैसे दुश्कर्व्य करने की और उन्मुख हो जाता है | इसके अलावा केतु ग्रह के अशुभ…
॥ श्री अङ्गारकाष्टोत्तर शतनामावलि ॥ ॐ महीसुताय नमः ॥ ॐ महाभागाय नमः ॥ ॐ मङ्गळाय नमः ॥ ॐ मङ्गलप्रदाय नमः ॥ ॐ महावीराय नमः ॥ ॐ महाशूराय नमः ॥ ॐ महाबलपराक्रमाय नमः ॥ ॐ महारौद्राय नमः ॥ ॐ महाभद्राय नमः…
शनि अष्टोत्तरशतनामावलि शनि बीज मन्त्र ॐ प्राँ प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः ॥ ॐ शनैश्चराय नमः ॥ ॐ शान्ताय नमः ॥ ॐ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः ॥ ॐ शरण्याय नमः ॥ ॐ वरेण्याय नमः ॥ ॐ सर्वेशाय नमः ॥ ॐ सौम्याय नमः…
दत्तात्रेय मंत्र साधना श्री दत्तात्रेय याने अत्रि ऋषि और अनुसूया की तपस्या का प्रसाद …” दत्तात्रेय ” शब्द , दत्त + अत्रेय की संधि से बना है। त्रिदेवों द्वारा प्रदत्त आशीर्वाद “ दत्त “ … अर्थात दत्तात्रेय l दत्तात्रेय को…