चतुर्थ स्कन्ध
चतुर्थ स्कन्ध में ये बताया गया है दक्ष कन्याओं का वंशवर्णन सति का योगाग्नि में तन समाप्त दक्ष यज्ञविध्वंस भक्ति सच्ची हो तो उम्र का बंधन नहीं होता ‘ध्रुवजी की कथा’ ने यही सिद्ध किया है वेन के शरीर के मलने से पृथु व अर्चिदेवी अवतार ‘पुरंजनोपाख्यान’ में…
तृतीय स्कन्ध
तृतीय स्कन्ध में विदुर का आतित्थ्य स्वीकार कर छिकले खाये | विदुर उद्धव भेंट व विदुर जी मैत्रेय सम्बाद l विराट पुरुष से कमल पर ब्रह्मा सृष्टिक्रम वर्णन, वराह अवतार हिरण्याक्ष वध |‘कपिल अवतार-माता देवहुति को उपदेश में कपिलगीता’ का वर्णन है जिसमें ‘भक्ति का…
द्वितीय स्कन्ध
द्वितीय स्कन्ध में परीक्षित के दो प्रश्न ‘योग-धारणा’ के द्वारा शरीर त्याग की विधि बताई गयी है,भगवान का ध्यान कैसे करना चाहिए उसके बारे में बताया गया है l चतु: श्लोकी भागवत l भागवत के दस लक्षण | विस्तृत में पड़ने के लिए यहाँ क्लिक करे click….. …
प्रथम स्कन्ध
प्रथम स्कन्ध में महाभारत के अन्तिम पड़ाव से द्वौपदी ने पुत्रों की निर्मम हत्या पर अश्वत्थामा को क्षमा, गर्भस्थ परीक्षित की रक्षा,कुन्ती ने दु:ख माँगा , कुन्ती और भीष्म स्तुति से , ‘भक्ति-योग’ के बारे में बताया गया है और ‘परीक्षित का जन्म, परीक्षित को…
श्रीमद्भागवत महात्म्यय
श्रीमद्भागवत के महात्म्य में ‘भक्ति’ पुत्र ज्ञान और वैराज्ञ के कष्ट निवारण के एवं ‘गोकर्णोपाख्यान’ के माध्यम से ये बताया गया है कि श्रीमद्भागवत के केवल श्रवण मात्र से कैसे जीव का उद्धार हो जाता है। एक प्रेतात्मा धुंधकारी का मोक्ष श्रीमद्भागवत…