मारुति स्तोत्रं
मारुतिस्तोत्रम् श्रीगणेशाय नम: ॥ ॐ नमो भगवते विचित्रवीरहनुमते प्रलयकालानलप्रभाप्रज्वलनाय । प्रतापवज्रदेहाय । अंजनीगर्भसंभूताय । प्रकटविक्रमवीरदैत्यदानवयक्षरक्षोगणग्रहबंधनाय । भूतग्रहबंधनाय । प्रेतग्रहबंधनाय । पिशाचग्रहबंधनाय । शाकिनीडाकिनीग्रहबंधनाय ।…
६४ योगिनि
योगिनी अष्ट या चौंसठ योगिनि आदिशक्ति मां काली का अवतार है। घोर नामक दैत्य के साथ युद्ध करते हुए माता ने ये अवतार लिए थे। यह भी माना जाता है कि ये सभी माता पर्वती की सखियां हैं। इन चौंसठ देवियों में से दस महाविद्याएं और सिद्ध विद्याओं की भी गणना की जाती…
श्रीमद्भागवत महापुराण तृतीय स्कंध
तृतीय स्कंध तृतीय स्कंधका प्रारम्भ उद्धव एवं महात्मा विदुरकी भेंटकी कथासे होता है | द्वितीय स्कंधके अंतमें शौनकजी ने सूतजी से पूछा था कि हमें महात्मा विदुरजीका चरित्र सुनाइये और महात्मा विदुरको मैत्रेयजीने क्या उपदेश दिया, यह बताइये | ठीक ऐसा ही…
श्रीमद्भागवत महापुराण द्वतीय स्कंध
परीक्षितजीके दो प्रश्न प्रथम स्कंध के अंत में परीक्षित ने शुकदेव जी से दो मत्वपूर्ण प्रश्न किये थे | उन्होंने पूछा था कि जो लोग पुरुष सर्वथा मरणासन्न है, उसको क्या करना चाहिए और मनुष्यमात्र को अपने जीवन में क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए | इन्हीं…