पंचम स्कन्ध

पंचम स्कन्ध में प्रियव्रत चरित्र , आग्नीध्र आख्यान, राजा नाभि के पुत्र ऋषभ देव अवतार के 100 पुत्रों में भरत चरित्र राहुगण को उपदेश | ‘भरत-चरित्र’ के माध्यम से ये बताया गया है कि भरतजी कैसे एक हिरन के मोह…

चतुर्थ स्कन्ध

चतुर्थ स्कन्ध में ये बताया गया है दक्ष कन्याओं का वंशवर्णन  सति का योगाग्नि में तन समाप्त  दक्ष यज्ञविध्वंस भक्ति सच्ची हो तो उम्र का बंधन नहीं होता ‘ध्रुवजी की कथा’ ने यही सिद्ध किया है वेन के शरीर के…

तृतीय स्कन्ध

तृतीय स्कन्ध में विदुर का आतित्थ्य स्वीकार कर छिकले खाये | विदुर उद्धव भेंट व विदुर जी मैत्रेय सम्बाद l विराट पुरुष से कमल पर ब्रह्मा सृष्टिक्रम वर्णन, वराह अवतार हिरण्याक्ष वध |‘कपिल अवतार-माता देवहुति को उपदेश में कपिलगीता’ का…

द्वितीय स्कन्ध

द्वितीय स्कन्ध में परीक्षित के दो प्रश्न ‘योग-धारणा’ के द्वारा शरीर त्याग की विधि बताई गयी है,भगवान का ध्यान कैसे करना चाहिए उसके बारे में बताया गया है l चतु: श्लोकी भागवत l भागवत के दस लक्षण | विस्तृत में…

प्रथम स्कन्ध

प्रथम स्कन्ध में महाभारत के अन्तिम पड़ाव से द्वौपदी ने पुत्रों की निर्मम हत्या पर अश्वत्थामा को क्षमा, गर्भस्थ परीक्षित की रक्षा,कुन्ती ने दु:ख माँगा , कुन्ती और भीष्म स्तुति से , ‘भक्ति-योग’ के बारे में बताया गया है और…

श्रीमद्भागवत महात्म्यय

श्रीमद्भागवत के महात्म्य में  ‘भक्ति’ पुत्र ज्ञान और वैराज्ञ के कष्ट निवारण के एवं ‘गोकर्णोपाख्यान’ के माध्यम से ये बताया गया है कि श्रीमद्भागवत के केवल श्रवण मात्र से कैसे जीव का उद्धार हो जाता है। एक प्रेतात्मा धुंधकारी का…

दुर्गा मां और शिवजी की नवरात्रि में पूजा ऐसे करें

“जिन घरों में हर रोज शिवजी की अर्चना की जाती है, उन घरो में सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। “   जिन घरों में हर रोज शिवजी की अर्चना की जाती है, उन…

वेदों में गायत्री का गौरव

तस्मात् अज्ञान सर्व हुतः ऋचा सामानि अज्ञिरे ।। छन्दांसि जज्ञिरे तस्मात् यजुस्तस्समाद जायत ॥ (यजुः 31- 7) अर्थात् उस यज्ञ का रूप परम ब्रह्म परमात्मा द्वारा चारों वेद ऋक्, यज्, साम, अथर्व सृष्टि के आदि में प्रादुर्भूत हुए ।। (1)…

भ्रूण हत्या है सबसे बड़ा पाप, भगवान कृष्णा ने निर्धारित कर रखी है सजा

पुराणो में अलग-अलग कुकृत्यों के लिए अलग-अलग दण्डो का बखान है जो की मृत्यु के बाद व्यक्ति की आत्मा को भोगने पड़ते है. गरुड़ पुराण की विस्तृत व्याख्या सुनके आपके रौंगटे खड़े हो जायेंगे. परस्त्री पुरूष संबंध रखने वाले को लोहे के…