नकारात्मक ऊर्जा को कैसे पहचाने
1: दीपक दीपक अंधेरे को दूर करता है साथ ही इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा भी आती है लेकिन मान्यता है कि पूजा करते समय अगर दीपक बार-बार बिना हवा के बुझ जाता है तो यह आपके लिए शुभ संकेत…
1: दीपक दीपक अंधेरे को दूर करता है साथ ही इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा भी आती है लेकिन मान्यता है कि पूजा करते समय अगर दीपक बार-बार बिना हवा के बुझ जाता है तो यह आपके लिए शुभ संकेत…
कुंडलिनी शक्ति क्या है? कुंडलिनी शक्ति प्रत्येक मनुष्य के भीतर दिव्य आध्यात्मिक शक्ति है। कई देशों में कई नामों से जाना जाता है, यह पवित्र आंतरिक उपस्थिति भीतर का दिव्य है, पवित्र प्रकाश और प्रेम जो हम में से प्रत्येक…
एक सूखा नारियल जिसे हवन में उपयोग करते है उसमें कलवा या मौली बांधकर होलिका की ७ परिक्रमा करते हुएॐ नरसिंह देवाय नमःमंत्र का जाप करना है उसके पश्चात इस नारियल को होलिका में रख देना हैप्रार्थना करनी हैहे नरसिंह…
सारे संसार में हर स्त्री की एक इज़्जत (लाज) ही सोलह श्रृंगार की पहली कड़ी है..। जब एक स्त्री सोलह शृंगार करती है तो उस स्त्री में देवी दुर्गा का प्रतिबिम्ब प्रदर्शित होता है इसलिए सभी माँ समान एवम् बहन…
शत्रुओं का नाश करने के लिए आपको रविवार के दिन दोपहर में, मंगलवार अथवा शनिवार के दिन नीम का ये उपाय करना चाहिए। आप किसी भी मंगलवार, शनिवार अथवा रविवार के दिन नीम के पत्ते लेकर दोपहर 12 बजे के…
केतु अष्टोत्तरशतनामावलिः केतु बीज मन्त्र – ॐ स्राँ स्रीं स्रौं सः केतवे नमः || ॐ केतवे नमः || ॐ स्थूलशिरसे नमः || ॐ शिरोमात्राय नमः || ॐ ध्वजाकृतये नमः || ॐ नवग्रहयुताय नमः || ॐ सिंहिकासुरीगर्भसंभवाय नमः || ॐ…
केतु को सर्प का धड़ माना गया है और सिर के बिना धड़ को कुछ दिखाई नहीं देता कि क्या किया जाए और क्या नहीं. केतु की दशा में अकसर लोगों का मन विचलित रहते देखा गया है. बिना कारण…
केतु ग्रह के उपाय केतु के कुपित होने पर जातक के व्यवहार में विकार आने लगते है, काम वासना तीव्र होने से जातक दुराचार जैसे दुश्कर्व्य करने की और उन्मुख हो जाता है | इसके अलावा केतु ग्रह के अशुभ…
॥ श्री अङ्गारकाष्टोत्तर शतनामावलि ॥ ॐ महीसुताय नमः ॥ ॐ महाभागाय नमः ॥ ॐ मङ्गळाय नमः ॥ ॐ मङ्गलप्रदाय नमः ॥ ॐ महावीराय नमः ॥ ॐ महाशूराय नमः ॥ ॐ महाबलपराक्रमाय नमः ॥ ॐ महारौद्राय नमः ॥ ॐ महाभद्राय नमः…
शनि अष्टोत्तरशतनामावलि शनि बीज मन्त्र ॐ प्राँ प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः ॥ ॐ शनैश्चराय नमः ॥ ॐ शान्ताय नमः ॥ ॐ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः ॥ ॐ शरण्याय नमः ॥ ॐ वरेण्याय नमः ॥ ॐ सर्वेशाय नमः ॥ ॐ सौम्याय नमः…