भागवतकथोपरान्त श्रीमद्भागवतमाहात्म्य
कीर्तनोत्सव में उद्धव जी का प्रकट होना, श्रीमद्भागवत में विशुद्ध भक्ति,भगवान श्रीकृष्ण के नाम लीला गुण आदि का संकीर्तन किया जाये तो वे स्वयं ही हृदय में आ विराजते हैं और श्रवण,कीर्तन करने वाले के सारे दु:ख मिटा देते हैं…