वर्चस् की साधना आत्मबल उभारने के लिये – १
वर्चस् की साधना आत्मबल उभारने के लिये- उपनिषद का ऋषि कहता है- “नयमात्मा बल हीने लभ्यो” यह आत्म दुर्बलों को मिल ही नहीं सकता। विभिन्न बलों की साधना विभिन्न क्षेत्रों में अपने- अपने ढंग से की जाती है। साधना बल…