hariomoberthur@gmail.com

hariomoberthur@gmail.com

अप्सरा साधना

अप्सरा साधना : हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार अप्सरा देवलोक में रहने वाली अनुपम, अति सुंदर, अनेक कलाओं में दक्ष, तेजस्वी और अलौकिक दिव्य स्त्री है। वेद और पुराणों में उल्लेख मिलता है कि देवी, परी, अप्सरा, यक्षिणी, इन्द्राणी और पिशाचिनी…

चमत्कारिक अष्ट यक्षिणियों की साधना, तुरंत मिलेगा फल

चमत्कारिक अष्ट यक्षिणियों की साधना, तुरंत मिलेगा फल ये देहधारी होते हुए भी सूक्ष्म रूप से युक्त होकर जहां चाहे वहां विचरण कर सकते हैं। इनका प्रमुख कर्म धन से संबंधित हैं, ये गुप्त धन या निधियों की रक्षा करते…

योगिनी साधनाएं

योगिनी साधनाएं : समस्त योगिनियों का संबंध आदि शक्ति काली के कुल से है। घोर नामक दैत्य से साथ युद्ध के समय आदि शक्ति काली ने ही समस्त योगिनियों के रूप में अवतार लिया था। महा विद्याएं, सिद्ध विद्याएं भी…

भैरव साधना

भैरव साधना : भगवान भैरव की साधनाएं भी कई तरह की होती है। उनमें सबसे प्रमुख है काल भैरव और बटुक भैरव साधनाएं। इसके अलावा उग्र भैरव, असितंग भैरव, क्रोध भैरव, स्वर्णाकर्षण भैरव, भैरव-भैरवी आदि साधनाएं भी होती है। अकाल…

पिशाचिनी या पैशाचिनी साधनाएं

पिशाचिनी या पैशाचिनी साधनाएं :पिशाची देवी ही पिशाचिनी साधनाओं की अधिष्ठात्री देवी है। यह हमारे हृदय चक्र की देवी है। इसे बहुत ही खतरनाक तरह की साधनाएं माना जाता है। किसी भी एक पिशाचिनी की साधना करने के बाद व्यक्ति…

नवदुर्गा साधना

नवदुर्गा साधना : माता दुर्गा की यह सात्विक साधना होती है जिसे नवरात्रि में किया जाता है। ये नौ दुर्गा है- 1.शैलपुत्री, 2.ब्रह्मचारिणी, 3.चंद्रघंटा, 4.कुष्मांडा, 5.स्कंदमाता, 6.कात्यायनी, 7.कालरात्रि, 8.महागौरी और 9.सिद्धिदात्री। लेकिन हम यहां आपको बताना चाहते हैं 10 महाविद्या…

दो शब्द साधना के वारे में

भारत में बहुत-सी ऐसी साधनाएं है जिनका धर्म से कोई नाता नहीं और कुछ का है। तांत्रिक साधनाओं को नकारात्मक या वाम साधनाओं की श्रेणी में रखा जाता है। गायत्री और योगसम्मत दक्षिणमार्गी साधनाएं होती है वैसे ही उनसे अलग…

शिव की अघोर साधना कैसे करे ?

क्यों की वह मन की सीमा के पार है, तभी तो वह संत है. संत का अर्थ है परम संतुलन. और संतुलित सदा अतिक्रमण कर जाता है. संत को पहचानने की दृष्टि तुममे अभी नही आ सकती, यदि यहि दृष्टि…

अमोघ शिव गोरख प्रयोग (AMOGH SHIV GORAKH PRAYOG)

भगवान शिव का वर्णन करना भी क्या संभव है. एक तरफ वह भोलेपन की सर्व उच्चावस्था मे रह कर भोलेनाथ के रूप मे पूजित है वही दूसरी और महाकाल के रूम मे साक्षात प्रलय रुपी भी. निर्लिप्त स्मशानवासी हो कर…

HANUMAAN CHALISA KA EK VISHISHTH PRAYOG

“संकट कटे मिटे सब पीरा जो सुमिरे हनुमंत बलबीरा” भारतीय आगम तथा निगम में स्तोत्र का एक महत्वपूर्ण स्थान है. सामान्य रूप से स्तोत्र की व्याख्या कुछ इस प्रकार की जा सकती है की स्तोत्र विशेष शब्दों का समूह है…