देवों के देव महादेव क्यों हैं सर्वोच्च, जानिए 12 कारण
1.- ‘शिव का द्रोही मुझे स्वप्न में भी पसंद नहीं।’- भगवान राम ।।ॐ।। ओम नम: शिवाय।- ‘ओम’ प्रथम नाम परमात्मा का फिर ‘नमन’ शिव को करते हैं। ‘सत्यम, शिवम और सुंदरम’ जो सत्य है वह ब्रह्म है:- ब्रह्म…
कैसे करें सावन सोमवार?
सावन सोमवार के व्रत में भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा की जाती है। प्राचीन शास्त्रों के अनुसार सोमवार के व्रत तीन तरह के होते हैं। सोमवार, सोलह सोमवार और सौम्य प्रदोष। सोमवार व्रत की विधि सभी व्रतों में समान होती है। इस व्रत को सावन माह में आरंभ करना…
शिवपुराण में शिव-शक्ति का संयोग
शिव पुराण के अनुसार शिव-शक्ति का संयोग ही परमात्मा है। शिव की जो पराशक्ति है उससे चित् शक्ति प्रकट होती है। चित् शक्ति से आनंद शक्ति का प्रादुर्भाव होता है, आनंद शक्ति से इच्छाशक्ति का उद्भव हुआ है, इच्छाशक्ति से ज्ञानशक्ति और ज्ञानशक्ति से पांचवीं…
श्रावण सोमवार व्रत कथा शिव शक्ति की सोमवार व्रत कथा
श्रावण सोमवार की कथा के अनुसार अमरपुर नगर में एक धनी व्यापारी रहता था। दूर-दूर तक उसका व्यापार फैला हुआ था। नगर में उस व्यापारी का सभी लोग मान-सम्मान करते थे। इतना सबकुछ होने पर भी वह व्यापारी अंतर्मन से बहुत दुखी था क्योंकि उस व्यापारी का कोई पुत्र नहीं…
नाग पंचमी Nag Panchami
नागों को हिन्दू धर्म में अहम स्थान दिया गया है। त्रिदेवों में से एक भगवान शिव के गले में स्थान पाने वाले नागों की हिन्दू धर्म में पूजा की जाती है। नागों की पूजा का विशेष पर्व “नाग पंचमी” है। स्कन्द पुराण के अनुसार इस दिन नागों की पूजा करने से…
हरियाली तीज Hariyali Teej
हरियाली तीज श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को रखा जाता है। यह त्यौहार नाग पंचमी के दो दिन पहले मनाया जाता है। यह महिलाओं के मुख्य त्यौहारों में से एक है। इस दिन शिव- पार्वती जी की पूजा और व्रत का विधान है। शिव पुराण के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और…
Ashadha Gupta Navratri Starting 5th July 2016
Ashadha Gupta Navratri Starting 5th July 2016 प्रत्येक वर्ष आने वाले दो नवरात्रों से तो आप सभी लोग परिचित हैं लेकिन इनके अलावा प्रत्येक वर्ष दो और नवरात्री होती हैं जिन्हें गुप्त नवरात्री कहा जाता है। पूर्व काल में इनका ज्ञान केवल उच्च कोटि के साधकों को…
प्रदोष व्रत (PRADOSH VRAT)
प्रदोष का अर्थ है रात्रि का शुभ आरम्भ|इस व्रत के पूजन का विधान इसी समय होता है| इसलिए इसे प्रदोष व्रत कहते हैं| यह व्रत शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को किया जाता हैं| इसका उदेशय संतान की कामना है|इस व्रत को स्त्री पुरुष दोनों ही कर सकते हैं| इस…
रविवार (इतवार) व्रत (RAVIVAR VRAT)
सर्व मनोकामनाओ की पूर्ति हेतु रविवार का वर्त श्रेस्ठ है| विधि: प्रात: काल सनानादी से निवृत हो स्वछ वस्त्र धारण करे | शांतचित होकर परमात्मा का स्मरण करे | भोजन इक समय से ज्यादा नहीं करना चहिये | भोजन तथा फलाहार सूर्य के प्रकाश रहते कर लेना चहिये | यदि…
शनिवार व्रत की आरती (SHANIVAR VART KI AARTI)
शनि व्रत रखने का बहुत महत्व माना गया है| कुंडली में शनि की महादशा अथवा साढ़े साती या ढैय्या में शनि जी के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए शनि व्रत का महत्व माना गया है| शनि जी के इस मंत्र – ‘ऊँ शं शनिश्चराय नम:” को कम से कम 108 बार जाप करना…