hariomoberthur@gmail.com

hariomoberthur@gmail.com

श्रीविष्णुसहस्त्रनाम स्तोत्रम

ॐ श्री परमात्मने नमः । ॐ नमो भगवते वासुदेवाय । अथ श्रीविष्णुसहस्त्रनाम स्तोत्रम यस्य स्मरणमात्रेन जन्मसंसारबन्धनात्‌ । विमुच्यते नमस्तमै विष्णवे प्रभविष्णवे ॥ नमः समस्तभूतानां आदिभूताय भूभृते । अनेकरुपरुपाय विष्णवे प्रभविष्णवे ॥ वैशम्पायन उवाच श्रुत्वा धर्मानशेषेण पावनानि च सर्वशः । युधिष्टिरः…

श्री विष्णु जी की चालीसा:

विष्णु जी हिन्दू धर्म के देवता हैं। विष्णु जी त्रिदेवों में से एक बताए गए हैं। मान्यतानुसार जगत का पालन श्री हरि विष्णु जी ही करते हैं। भगवान विष्णु को दया-प्रेम का सागर माना जाता है।  विष्णु जी देवी लक्ष्मी (विष्णुजी…

कन्या राशी के जातको का स्वास्थ्य

स्वास्थ्य के मामलें में यह समय अधिक आनंद देने वाला नहीं है। आपको मौसमी बीमारियाँ अपनी चपेट में ले सकती हैं। किसी लंबी चली आ रही बीमारी का सरलता से निदान नहीं होगा। जिसके कारण आपको उपचार कराने में दिक़्क़तों…

कन्या राशी के जातको का प्रेम संबंध

आप अपनी मर्ज़ी से जीवन जियेंगे व रिश्तों में पहले के मुकाबले कम रूचि लेंगे। कुछ लोगों के प्रेम में अचानक इज़ाफा हो सकता है। वर्ष 2017 के कन्या भविष्यकथन के मुताबिक़ आपको थोड़ा सावधान रहने की भी जरुरत है।…

कन्या राशी के जातको का पारिवारिक जीवन

वैवाहिक जीवन के लिए यह समय थोड़ा तनावपूर्ण रह सकता है। आपको अपने व्यवहार पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है, वरना संबंधों में कुछ कड़वाहट आने की संभावना है। पिता या किसी बड़े-बुजुर्ग का स्वास्थ्य आपकी चिंता का प्रमुख…

कन्या राशी के जातको की शिक्षा

यह समय छात्र वर्ग के लिए कड़ी मेहनत करने का है। शिक्षा में आपकी धीमी गति से प्रगति होगी। किसी न किसी कारण आप लंबे समय तक पढ़ने में ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएंगे। इस दौरान मानसिक व्याकुलता आपको परेशान…

कन्या राशी के जातको की आर्थिक स्थिति

आर्थिक मोर्चे पर आपको विशेष सावधानी रखनी होगी क्योंकि आमदनी की तुलना में ख़र्च अधिक रहेगा। वैसे आमदनी का स्रोत बना रहेगा और आपकी रोजमर्रा की आमदनी में कोई रूकावट नहीं आएगी। लेकिन यदि कन्या भविष्यफल 2017 की मानें तो…

कन्या राशी के जातको की नौकरी और व्यवसाय

नौकरीपेशा जातक इस अवधि में अपने कौशल के बल पर तरक़्क़ी एवं वेतन वृद्धि प्राप्त करेंगें। कन्या का राशिफल इंगित कर रहा है कि वर्ष 2017 में आपको सफलता मिलने की प्रबल संभावनाएँ हैं। अपने सहकर्मियों के साथ आपके संबंध…

आदित्य हृदय स्रोत

आदित्य हृदय स्रोत   विनियोग ॐ अस्य आदित्यह्रदय स्तोत्रस्य अगस्त्यऋषि: अनुष्टुप्छन्दः आदित्यह्रदयभूतो भगवान् ब्रह्मा देवता निरस्ताशेषविघ्नतया ब्रह्माविद्यासिद्धौ सर्वत्र जयसिद्धौ च विनियोगः पूर्व पिठिता ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम्‌ । रावणं चाग्रतो दृष्ट्वा युद्धाय समुपस्थितम्‌ ॥1॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम्‌ । उपगम्याब्रवीद् राममगस्त्यो भगवांस्तदा…

आदित्य हृदय स्रोत का हिंदी अनुवाद

1,2 उधर श्रीरामचन्द्रजी युद्ध से थककर चिंता करते हुए रणभूमि में खड़े हुए थे । इतने में रावण भी युद्ध के लिए उनके सामने उपस्थित हो गया । यह देख भगवान् अगस्त्य मुनि, जो देवताओं के साथ युद्ध देखने के लिए…