चौदहवीं पुतली – सुनयना ~ विक्रमादित्य और हिंसक सिंह का शिकार!
चौदहवीं पुतली – सुनयना ने जो कथा की वह इस प्रकार है- राजा विक्रमादित्य सारे नृपोचित गुणों के सागर थे। उन जैसा न्यायप्रिय, दानी और त्यागी और कोई न था। इन नृपोचित गुणों के अलावा उनमें एक और गुण था।…