भुवनेश्वरी

4. भुवनेश्वरी

download-6

यह साधना हर प्रकार के सुख मे वृद्धि करने वाली है। देवी भुवनेश्वरी की खास बात यह है कि यह बहुत ही कम समय मे प्रसन्न हो जाती है परंतु एक बार रुठ गई तो मनाना भी थोडा मुश्किल ही होता है। देवी माँ से कभी भी झुठे वचनो नही कहने चाहिए। इनके जप के लिए स्फटिक की माला का प्रयोग करें और कम से कम ग्यारह या इक्कीस माला का मंत्र जप करें।

|| मन्त्र – “ॐ ऐं ह्रीं श्रीं नमः” || 

 

1. काली              2. तारा                   3. त्रिपुरसुंदरी

4. भुवनेश्वरी       5. त्रिपुर भैरवी         6. धूमावती

7. छिन्नमस्ता    8. बगलामुखी          9. मातंगी

10. कमला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *