जप-तप
जप-तप तीन प्रकार के होते हैं:-
१. वाचिक
2. उपांशु
३. मानसिक
वाचक जप में लोग जोर-जोर से ऊँची आवाज में जप करते हैं तभी उन्हें पावचक्र कहा जाता है ।
जो लोग इस प्रकार से जाप करते हैं कि केवल उन्हें ही सुनाई देता है उन्हें हम उपांशु कहते हैं।
जिस जाप में बिल्कुल ही आवाज नहीं होती है, उसे मानसिक कहते हैं।
मारण में वाचक |
शांति के लिए उपांशु ।
मोक्ष के लिए मानसिक ।
इस प्रकार से इन जपों को प्रयोग में लाया जाता है।