शत्रुओं का नाश करने के लिए आपको रविवार के दिन दोपहर में, मंगलवार अथवा शनिवार के दिन नीम का ये उपाय करना चाहिए।
आप किसी भी मंगलवार, शनिवार अथवा रविवार के दिन नीम के पत्ते लेकर दोपहर 12 बजे के आसपास लेकर आए। और आपको नीम के उतने ही पत्ते लेने हैं जितने अक्षर आपके शत्रु के नाम में आते हैं। जैसे कि यदि आपके शत्रु का नाम महेश है तो आपको केवल तीन ही नीम के पत्ते लेने हैं। और उन पत्तों को आप अपने घर में लाकर के रखें। और उन पत्तियों को बिलकुल भी धोना नहीं है ये पत्ते जितने गंदे होंगे उतना ही आपके लिए अच्छा रहेगा। उन पत्तों के ऊपर आपको अपने शत्रु के नाम का एक-एक अक्षर काली स्याही अथवा काले पैन से लिखना है। और पत्तों पर शत्रु का नाम लिखने के बाद आप उन पत्तों के छोटे-छोटे टुकड़े कर दें। और जितने भी बारीक टुकड़ें आप कर सकते हैं आप उन पत्तों के उतने ही बारीक टुकड़े कर दें। और पत्तों को काटने के बाद आप इन पत्तों को मिट्टी लेकर उसमें मिला लें। और जितने अक्षर आपके शत्रु के नाम के हैं उतने ही आपको उस मिट्टी के गोलियां बना लें। और अब उन गोलियों को अपने सामने रखकर अपने शत्रु के नाम के अक्षर के बराबर आपको ‘ऊँ नमों अमुखं हन हन स्वाहा’ मंत्र का जप करना है। और मंत्र में अमुखं के स्थान पर आपको अपने शत्रु के नाम का उच्चारण करना है।
इस मंत्र में इतनी शक्ति है कि आपका शत्रु अपने ही विनाश की तरफ अग्रसर हो जाता है। ये मारण का बहुत ही अचूक मंत्र है। आप जितनी भी बार इस मंत्र का जप करें पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ जप करें।
और आपने जो नीम के पत्तों और मिट्टी की गोलियां बनाई हैं आप उन्हें ले जाकर किसी चौराहे अथवा अपने शौचालय के पॉट में डाल दें। ऐसा करने के कुछ दिन बाद ही आप देखेंगे कि आपका शत्रु अपनी सारी शक्ति और पद, पैसा आदि खो बैठेगा। सूख में सब साथी दुख कोई ना मेरे दोस्त एक बार पुकार देख अगर आप जनम कुंडली या अपना भविष्य जाना हो