तृतीय स्कन्ध में विदुर का आतित्थ्य स्वीकार कर छिकले खाये | विदुर उद्धव भेंट व विदुर जी मैत्रेय सम्बाद l विराट पुरुष से कमल पर ब्रह्मा सृष्टिक्रम वर्णन, वराह अवतार हिरण्याक्ष वध |‘कपिल अवतार-माता देवहुति को उपदेश में कपिलगीता’ का वर्णन है जिसमें ‘भक्ति का मर्म’ ‘काल की महिमा’ और देह-गेह में आसक्त पुरुषों की ‘अधोगति’ का वर्णन,मनुष्य योनि को प्राप्त हुए जीव की गति क्या होती है. केवल भक्ति से ही वह इन सब से छूटकर भगवान की ओर जा सकता है |
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