
श्रीमद्भागवत के महात्म्य में ‘भक्ति’ पुत्र ज्ञान और वैराज्ञ के कष्ट निवारण के एवं ‘गोकर्णोपाख्यान’ के माध्यम से ये बताया गया है कि श्रीमद्भागवत के केवल श्रवण मात्र से कैसे जीव का उद्धार हो जाता है। एक प्रेतात्मा धुंधकारी का मोक्ष श्रीमद्भागवत सप्ताह विधि से हुआ, यह श्रीमद्भागवत श्रवण की महिमा’ है, यही इसका सार है l श्रीमद्भागवत श्रवण के श्रौता वक्ता के नियम वतायें हैं |
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